चीन में बाढ़ के बाद टूटा सांपों का कहर, दहशत में लोग
सोचिए, एक शहर जहां लोग पहले से ही बाढ़ के पानी से जूझ रहे हों और अचानक उसी पानी में खतरा तैरता हुआ दिखाई देने लगे। चीन के कुछ इलाकों में ऐसा ही खतरनाक मंजर सामने आया जब बाढ़ आए इलाकों में सांप नजर आने लगे। एक तरफ बाढ़ से जूझ रहे लोगों को एक नए खतरे का भी सामना करना पड़ रहा है।
आखिर ऐसा क्या हुआ कि सैकड़ों सांप एक साथ इंसानी इलाकों में पहुंच गए? आइए समझते हैं पूरी कहानी।
गुआंग्शी में आखिर क्या हुआ?
चीन का गुआंग्शी इलाका इस समय बाढ़ की मुसीबतों से जूझ रहा है। यहां कई जगहों पर पानी भर गया है और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान की तलाश कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच इलाके में बड़ी संख्या में सांप दिखने लगे और अब लोगों के डर का कारण बाढ़ नहीं, ये जहरीले सांप बन चुके हैं।
गुआंग्शी में मौजूद एक सांप पालन केंद्र को बाढ़ के कारण नुकसान पहुंचा, जिसके बाद कई सांप बाहर निकल गए। पानी के बहाव के साथ ये सांप आसपास के गांवों और इलाकों तक पहुंच गए। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार 900 सांप इलाकों में घूम रहे हैं।
चीन का गुआंग्शी सांप पालन का सबसे बड़ा केंद्र है। द लल्लनटाॅप के अनुसार, चमड़े के सामान, मांस और दवाओं के लिए लगभग 3 करोड़ सरीसृप (रेप्टाइल्स) को पाला जाता है। यहां बड़ी संख्या में सांपों को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए पाला जाता है।
इलाकों में कैसे पहुंचे ये जहरीले सांप?
तेज बारिश और बाढ़ के कारण सांप पालन वाले स्थान पर पानी भर आया इससे तालाब और बाड़े प्रभावित हुए। जिससे सांप बाहर निकलने लगे और इस बाढ़ के पानी के जरिए ये सांप इंसानी इलाकों में पहुंच गए।
बाहर निकले सांपों में कुछ जहरीली प्रजातियों के भी होने की आशंका है जिनमें कोबरा जैसी प्रजातियां बताई जा रही हैं।
सांपों को पकड़ने के लिए क्या कदम उठाए गए?
सांपों के डरावने मंजर को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और सांपों को पकड़ने के लिए टीम तैनात की गई और प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। अस्थायी चिकित्सा व्यवस्था भी तैयार की गई ताकि प्रभावित लोगों को समय पर इलाज मिल सके।
बाढ़ की तबाही के बीच इंसानों और जानवरों का टकराव
चीन की ये घटना हमें बताती है कि प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव सिर्फ इंसानों तक नहीं रहता बल्कि ऐसी स्थिति में कई बार जानवर भी अपना सुरक्षित स्थान छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं और इंसानी इलाकों में पहुंच जाते हैं। ठीक वैसे ही जैसे चीन में देखने को मिला।
ऐसी घटनाएं हमें यह समझाती हैं कि प्रकृति में होने वाले बदलावों का असर कई बार अचानक और खतरनाक रूप में सामने आ सकता है। इसलिए आपदा के समय सावधानी और सही प्रबंधन बेहद जरूरी होता है।
जिस गुआंग्शी में हुई घटना, उसे जानिए
गुआंग्शी चीन का एक दक्षिणी क्षेत्र है जिसे आधिकारिक रूप से गुआंग्शी झुआंग स्वायत्त क्षेत्र कहा जाता है। यह इलाका अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। इसकी सीमा वियतनाम से भी लगती है और यहां बड़ी संख्या में झुआंग समुदाय के लोग रहते हैं, इसलिए इसे 'झुआंग स्वायत्त क्षेत्र' कहते हैं।
इस इलाके में गर्म और नम जलवायु पाई जाती है जिसके कारण यहां कई तरह के जीव जंतु पाए जाते हैं। इसी वजह से यहां सरीसृपों की कई प्रजातियां मिलती हैं। गुआंग्शी में सांप पालन का कारोबार भी किया जाता है।

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