वॉरेन बफेट - निवेश जगत का लीजेंड रिटायर
दुनिया के सबसे बड़े निवेशकों में शामिल वॉरेन बफेट 31 दिसंबर, 2025 को बर्कशायर हैथवे के पद से रिटायर हो गए लेकिन रिटायरमेंट के बाद भी वॉरेन बफेट कंपनी के चेयरमैन बने रहेंगे | अब कंपनी की कमान ग्रेग एबेल संभालेंगे, जो आज से यानी 1 जनवरी, 2026 से सीईओ का पद ग्रहण करेंगे | 95 साल की उम्र में लिया गया ये फैसला निवेश जगत के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है |
ओरेकल ऑफ ओमाहा - बफेट
1930 में नेब्रास्का राज्य के ओमाहा शहर में वॉरेन बफेट का जन्म हुआ था | जब उन्होंने अपना पहला शेयर खरीदा तब उनकी उम्र मात्र 11 साल थी और 13 की उम्र में टैक्स रिटर्न फाइल | जहाँ स्कूल के दिनों में बच्चे खेलते और पढने जाते थे वही बफेट च्यूइंग गम, कोका - कोला और अखबार बेचकर कमाई करते थे इन्हीं छोटे - छोटे बिजनेस से उन्होंने कमाना शुरू किया | बफेट को ओरेकल ऑफ ओमाहा कहा जाता है |
बफेट की उच्च शिक्षा
बफेट ने नेब्रास्का विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री हासिल की और इसके बाद कोलंबिया विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर की डिग्री प्राप्त की | वॉरेन बफेट के गुरु बेंजामिन ग्राहम थे जिन्हें वैल्यू इन्वेस्टिंग का जनक माना जाता है | इनकी किताब "द इंटेलीजेंट इन्वेस्टर" आज भी निवेशकों के लिए मार्गदर्शक मानी जाती हैं | बेंजामिन ने बफेट को सिखाया कि -
- सस्ता और मूल्यवान शेयर खरीदो
- लंबे समय तक निवेश करो और धैर्य रखो
- नुक्सान की गुंजाइश हमेशा कम रखने की सोचो
- वॉरेन बफेट कहते हैं प्रो. ग्राहम का दिया दो मूलमंत्र मेरी असली पूँजी है - पहला, पैसा कभी डूबने मत दो और दूसरा, पहले नियम को कभी मत भूलो |
न्यू इंग्लैंड टेक्सटाइल उर्फ़ बर्कशायर हैथवे
कहानी है साल 1962 की जब बर्कशायर हैथवे संघर्ष से जूझ रही थी, उस समय इसका नाम था - न्यू इंग्लैंड टेक्सटाइल | बफेट ने बर्कशायर हैथवे के शेयर को $ 7.50 की कीमत पर खरीदना शुरू किया और बफेट के कदम रखते ही बर्कशायर के अच्छे दिन शुरू हो गए | इसके बीमा कारोबार से मिलने वाले पैसों का नई कंपनियों में निवेश करना शुरू कर दिया और धीरे - धीरे बर्कशायर एक बड़ी और नामी कंपनी के रूप में विश्वस्तर पर उभरी | आज बर्कशायर के पास इन कंपनियों का मालिकाना है -
- जिको
- ड्यूरा सेल
- BNSF रेलवे
- डेयरी क्वीन
- अमेरिकन एक्सप्रेस
- एप्पल
- कोका - कोला
अब बर्कशायर के एक शेयर की कीमत $750,000 से ज्यादा है | बफेट ने पिछले 20 सालों में 60 बिलियन डॉलर से ज्यादा दान किया है लेकिन आज भी उनकी बर्कशायर हिस्सेदारी की कीमत 150 बिलियन डॉलर है |
सादगी की मिसाल : बफेट
आज के समय में जहाँ एक तरफ स्मार्टफ़ोन हर इंसान की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है तो वही दूसरी तरफ बफेट लंबे समय तक कीपैड का इस्तेमाल करते रहे हालाँकि कोविड महामारी के दौरान टिम कुक ने उन्हें IPhone भेंट में दिया लेकिन बफेट ने इसका बहुत कम इस्तेमाल किया | उनके अनुसार तकनीक तभी तक उपयोगी है जब तक उससे आपकी जिंदगी आसान रहे | इसलिए उन्होंने खुद को दिखावे से हमेशा अलग रखा और आज भी सादगी भरा जीवन जी रहे हैं |
भविष्य के लिए रखा इतना कैश
दुनिया की सबसे बड़ी निवेश कंपनियों में से एक है - बर्कशायर, जिसके पास है करीब 34 लाख करोड़ का रुपय का कैश और बफेट इतनी बड़ी रकम को बड़े अवसरों के लिए बचाकर रखते हैं | बफेट का कहना है कि ये शेयर मार्केट है और यहाँ ऐसे बहुत से मौके आते हैं जब बड़ी कंपनियां कमजोर पड़ने लगती हैं ऐसे में सुरक्षित रखा गया कैश का इस्तेमाल कर बड़ी कंपनियों को सस्ते में खरीदा जा सकता है |
संपत्ति का ज्यादातर हिस्सा दान करेंगे
वॉरेन बफेट ने ये निर्णय किया है कि वो अपनी कुल संपत्ति का 99% हिस्सा दान कर देंगे | ज्यादातर गेट्स फाउंडेशन में उन्होंने लगभग 65 मिलियन डॉलर दान किया है | साल 2010 में बिल गेट्स और बफेट द्वारा शुरू किए गए Giving Pledge में अरबपतियों से कहा गया कि वो अपनी संपत्ति का आधा हिस्सा जरूरतमंदों और अच्छे कामों के लिए दान करें |
छह दशक तक सीईओ
बतौर सीईओ करीब 60 साल तक बफेट ने बर्कशायर का नेतृत्व किया | इस दौरान बाज़ार की गिरावट, आर्थिक मंदी और वैश्विक संकट जैसी स्थितियां बफेट ने देखी लेकिन इन सबसे उन्होंने सिर्फ सीखने का प्रयास किया | यही वजह है कि जब कई निवेशक बाज़ार छोड़ रहे थे तब उनके धैर्य और भरोसे ने ही उनको और मजबूत बनाकर रखा | आगे ग्रेग एबेल बर्कशायर के नए सीईओ होंगे क्योंकि ग्रेग बफेट की रणनीति को बखूबी समझते हैं | हालाँकि वो अभी तक कंपनी का अहम हिस्सा रहे हैं और कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ भी सँभालते रहे हैं |
बफेट की लाइफस्टाइल है सबसे अलग
बफेट अपने सुबह के नाश्ते में बर्गर और कोक लेते है और ये इनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है | बफेट के अनुसार एक दिन में वो 5 कोक पीते हैं |
बफेट अरबपति हैं लेकिन पैसों का पूरा हिसाब रखते हैं, एक - एक डॉलर सोच समझकर खर्च करते हैं क्योंकि फिजूल खर्च उन्हें पसंद नहीं |
दिखावे से ज्यादा बफेट सादगी को अधिक प्राथमिकता देते हैं | इतनी दौलत होने के बावजूद वो अपने बाल कटवाने में भी सिर्फ 18 डॉलर खर्च करते हैं | अगर आपकी मूलभूत आवश्यकताएँ पूरी हो जा रही हैं तो महंगे शौक पालने की जरूरत नहीं है |
साल 2014 से अब तक बफेट एक ही कार चलाते आ रहे हैं - Cadillac XTS हर साल नई कार लेना उनके उसूलों के खिलाफ हैं |
वॉरेन बफेट और चार्ली मंगर की 60 साल पुरानी दोस्ती आज भी अमर है | दोनों की मुलाक़ात 1959 में हुई, पहले दोस्त और फिर पार्टनर बने | 1978 में चार्ली बर्कशायर हैथवे के अध्यक्ष बने | बफेट के साथ 60 साल की दोस्ती और 45 साल तक पार्टनरशिप में रहे चार्ली मंगर 28 नवंबर, 2023 को दुनिया बर्कशायर को अलविदा कह गए |
निष्कर्ष
वॉरेन बफेट न सिर्फ एक सफल निवेशक बल्कि धैर्य, सादगी और दूरदर्शिता का प्रतीक भी हैं | अरबपति होने के बावजूद उनकी जीवनशैली बहुत साधारण है और वो अपपनी संपत्ति का ज्यादातर हिस्सा दान कर देते हैं | 60 साल तक उन्होंने समझदारी और धैर्य के साथ बर्कशायर का नेतृत्व किया | बफेट आज के युवा निवेशकों और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्वरुप हैं |



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