इस साल कितनी विदेश यात्रा
आज दुनियाभर के तमाम शक्तिशाली देशों के साथ भारत भी ग्लोबल पॉलिटिक्स में एक अहम खिलाड़ी बन चुका है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो अक्सर सबसे ज्यादा विदेश यात्रा करने वाले भारतीय प्रधानमंत्रियों में गिने जाते है, इनकी हर यात्रा वैश्विक पकड़ मजबूत करने की रणनीति से जुड़ी होती है |
2025 में भारत की विदेश नीति के कुछ ख़ास मायने रहे और इसकी वजह बने - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी
वर्ष 2025 विशेष रूप से भारत की विदेश नीति के लिए बेहद ख़ास रहा क्योंकि इस वर्ष पीएम मोदी ने एशिया, यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका और कैरेबियन देशो के आलावा अन्य क्षेत्रों का दौरा किया | इन यात्राओं का लक्ष्य न सिर्फ द्विपक्षीय सम्बन्ध को मजबूत करना था बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत को सशक्त बनाना भी था |
पीएम मोदी की विदेश यात्राओं का विवरण (2025)
साल 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुल 10 विदेश यात्राएँ की जिनमें उन्होंने 30 से अधिक देशों का दौरा किया | इस दौरान व्यापार, तकनीक, समुद्री सहयोग, वैश्विक सुरक्षा, विकास परियोजनाएँ और ऊर्जा जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई | तो आइए इस लेख के माध्यम से पीएम मोदी की विदेश यात्राओं और 2025 के प्रमुख विज़न को समझेंगे |
1) फ्रांस और अमेरिका (10 - 14 फरवरी 2025)
साल 2025 में पीएम मोदी के विदेश दौरे की शुरुआत फ्रांस और अमेरिका से हुई थी | 10 से 14 फरवरी तक चली इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी की मुलाक़ात फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से हुई जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, स्वच्छ ऊर्जा, अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी और रक्षा सहयोग पर व्यापक चर्चा हुई |
इसके बाद पीएम मोदी की मुलाक़ात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से हुई इस अहम बैठक के दौरान व्यापर संतुलन, रक्षा साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा जैसे प्रमुख विषयों पर संवाद हुआ |
2) मॉरिशस (11 - 12 मार्च 2025)
चर्चा का विषय - समुद्री सुरक्षा, और विकास परियोजनाएँ
साल की दूसरी यात्रा 11 से 12 मार्च को मॉरिशस में संपन्न हुई | इस दौरान पीएम मोदी मॉरिशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल से मिले और मॉरिशस के सर्वोच्च सम्मान द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशियन से नवाज़ा गया | इस सम्मान को हासिल करने वाले पीएम मोदी पहले भारतीय हैं और प्रधानमंत्री (मॉरिशस) नविन रामगुलाम के अनुसार ये सम्मान अब तक दुनिया के सिर्फ 5 विदेशी नेताओं को ही प्राप्त हुआ है |
3) थाईलैंड और श्रीलंका (3 - 6 अप्रैल 2025)
- इस साल बैंकॉक (थाईलैंड की राजधानी) में आयोजित बिम्सटेक सम्मलेन में क्षेत्रीय सहयोग की मजबूती पर चर्चा हुई |
- श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाक़ात और विकास योजनाओं तथा निवेश से सम्बंधित विषयों पर चर्चा हुई |
4) सऊदी अरब (22 अप्रैल 2025)
सऊदी अरब की यात्रा के दौरान पीएम मोदी की मुलाक़ात क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से हुई और इस बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक साझेदारी, व्यापार और निवेश को एक नए सिरे से आगे बढ़ाने पर सहमती बनी और ये यात्रा भारत - मध्य पूर्व के संबंधों को एक मजबूत दिशा की ओर ले गई |
यूरोपीय और उत्तरी अमेरिका के प्रमुख दौरे में पीएम मोदी ने साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स से मुलाकात की | भारत - साइप्रस के मध्य ऊर्जा, व्यापार और निवेश सहयोग को एक नई दिशा मिली | पीएम मोदी को साइप्रस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान "ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस" प्रदान किया गया |
कनाडा में उन्होंने G7 शिखर सम्मलेन में भारत का नेतृत्व किया और वैश्विक मंच पर भारत के एजेंडा को आगे बढ़ाया | इसके बाद क्रोएशिया यात्रा से यूरोप में भारत की कूटनीतिक मौजूदगी को मजबूती मिली |
6) साल की सबसे लम्बी विदेश यात्रा (2 - 9 जुलाई 2025)
घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया
घाना में राष्ट्रपति जॉन महामा से निवेश और सुरक्षा पर चर्चा हुई
त्रिनिदाद और टोबैगो में प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर संस्कृति, ऊर्जा और निवेश में सहयोग बातचीत हुई |
अर्जेंटीना में राष्ट्रपति जेवियर माइली से व्यापार, कृषि और ऊर्जा पर गहन चर्चा हुई |
ब्राज़ील में कई ब्रिक्स नेताओं के साथ आर्थिक, राजनीतिक और वैश्विक स्तर पर चर्चाएँ हुई |
नामीबिया में राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी नदैतवाह अफ्रीका - भारत साझेदारी को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई |
7) यूनाइटेड किंगडम और मालदीव (23 - 26 जुलाई 2025)
यूनाइटेड किंगडम में पीएम मोदी ने व्यापार, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को लेकर बैठकें की |
मालदीव में विकास परियोजना और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया |
8) जापान और चीन (28 अगस्त - 1 सितंबर 2025)
जापान में प्रमुख बैठक शिगेरू इशिबा के साथ हुई इसके साथ ही तकनीक और आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया |
चीन में शंघाई सहयोग संगठन सम्मलेन के दौरान बहुपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा चर्चा का विषय बना |
9) भूटान और दक्षिण अफ्रीका
भूटान यात्रा में विकास परियोजना और ऊर्जा सहयोग पर वार्ता हुई |
दक्षिण अफ्रीका में अफ्रीका - भारत समूह को मजबूत करने पर चर्चा की गई है |
10) जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान (15 - 18 दिसंबर 2025)
वर्ष की अंतिम विदेश यात्रा में 3 देशों की यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने मुलाक़ात की -
जॉर्डन - किंग अब्दुल्ला
इथियोपिया - अबी अहमद अली
ओमान - सुल्तान हैथम बिन तारिक
इथियोपिया के प्रधानमंत्री ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ग्रेट ऑनर निशान से पीएम मोदी को सम्मानित किया |
साल की अंतिम विदेश यात्रा जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान में ख़त्म हुई और इस दौरान ऊर्जा, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग के विकास पर गहन चर्चा हुई |
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साल 2025 की विदेश यात्राएँ भारत की सक्रियता और दूरदर्शिता को दर्शाती हैं और ये विदेश नीति का एक स्पष्ट उदाहरण है जिसके माध्यम से भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी आर्थिक, कूटनीतिक और रणनीतिक उपस्थिति को अधिक मजबूत बनाया है | साल की ये अहम यात्राएँ भारत के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को सशक्त बनाने के साथ - साथ देश अब एक विश्वसनीय और प्रभावकारी वैश्विक शक्ति के रूप में उभरा है |





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